नए कदम

हार्दिक स्वागत

40 Posts

57 comments

Reader Blogs are not moderated, Jagran is not responsible for the views, opinions and content posted by the readers.
blogid : 5086 postid : 811101

बेरंग

Posted On: 2 Dec, 2014 कविता,Contest,Celebrity Writer में

  • SocialTwist Tell-a-Friend

बुझा बुझा सा आलम है दिलका। 
रंग उतरा हुआ है महफ़िल का॥
वो जो मिले है पर्दा करके हमें।
जाने उनको है डर किसका॥
वही हम है वही है जुस्तजू।
खो गया है पता मंजिल का॥
जब मिले तो वो मुस्कुरा के मिले।
हमने भी छुपाया हाल दिल का॥



Tags:       

Rate this Article:

1 Star2 Stars3 Stars4 Stars5 Stars (No Ratings Yet)
Loading ... Loading ...

0 प्रतिक्रिया

  • SocialTwist Tell-a-Friend

Post a Comment

CAPTCHA Image
*

Reset

नवीनतम प्रतिक्रियाएंLatest Comments


topic of the week



latest from jagran